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उत्तर कोरिया

अमेरिका का नया पैंतरा : डॉ. रहीस सिंह

बीती 16-17 तारीख को कथित तौर पर अमेरिका से व्यथित तीन देशों के राष्ट्र प्रमुख नई चुनौतियों से निपटने के लिए इस्लामाबाद में वार्ता की मेज पर एक साथ दिखे। पाकिस्तान के रणनीतिकार और बुद्धिजीवी तो यह मान रहे हैं कि इस्लामाबाद में तीन देशो के नेताओं के मिलने का उद्देश्य अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजंटेटिव द्वारा बलूचियों के लिए पास किए गए एक प्रस्ताव का विरोध करना मात्र था, लेकिन कुछ कूटनयिकों ने इन तीनों देशों को प्राकृतिक सहयोगी बताकर कुछ और ही संकेत दिया है? अब सवाल यह उठता है कि क्या वास्तव में पिछले दिनों इस्लामाबाद तीन पीडितों की आपसी व्यथा बांटने का गवाह बना या फिर तीन तथाकथित प्राकृतिक सहयोगियों द्वारा दक्षिण एशिया में अमेरिका के खिलाफ एकजुटता को प्रदर्शित करने का। इतिहास के एक लंबे दौर ने इन तीनों देशों को प्राकृतिक सहयोगी के रूप मे कभी नहीं देखा। इसलिए आज इनकी एकजुटता में कुछ खास शक्तियो के पर्दे के पीछे होनी की संभावना भी नजर आ रही है। वास्तव में तेहरान-इस्लामाबाद-काबुल की एकजुटता का मकसद क्या है, अभी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। अमेरिका से कथित तौर पर पीडितों की इस्लामाबाद में चर्चा के दो…

कट्टरपंथ का दबदबा

डॉ. रहीस सिंह
मालदीव के उदार और लोकतांत्रिक रूप से चुने गए पहले राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद ने कई हफ्तों के राजनीतिक उथल.पुथल के बाद विद्रोहियों के साथ पुलिस के मिल जाने पर अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। त्यागपत्र देते समय उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए जो बातें कहीए वे उनके उदात्त स्वभाव और लोकभावनाओं से उनके जुड़ाव का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं। उन्होंने कहा .ष्सड़कों पर हो रहे प्रदर्शन को कुचलने के लिए बल प्रयोग कर वह सत्ता में बने रहना नहीं चाहते। मैंने इसलिए पद से त्यागपत्र दियाए क्योंकि मैं उनमें से नहीं हूंए जो सत्ता का इस्तेमाल कर शासन में बने रहना चाहते हैं। मुझे लगता है कि यदि मैं सत्ता में बना रहता तो बल प्रयोग करना पड़ताए जिससे नागरिकों को नुकसान होता। यह भी संभव है कि हमें विदेशी प्रभाव का सामना करना पड़ता। मैंने हमेशा देश के लोगों का अच्छा चाहा हैए अब भी चाहता हूं और आगे भी चाहता रहूंगा।ष् मोहम्मद नाशीद का लोकाधिकारों के लिए एक लंबा संघर्ष शायद उनके इस उदात्त निर्णय में सहायक हुआए जिसके जरिए वे दुनिया के तमाम तानाशाहों को भी एक संदेश दे गए। दरअसलए मोहम्मद नाशीद ने वर्ष 2008 माल…

कट्टरपंथ का दबदबा